कोरोना वायरस के चलते सांसदों को 2 साल तक नहीं मिलेगी सांसद निधि

देश में कोरोना वायरस (Corona virus)  को बढ़ने से रोकने और उससे लड़ने के लिए केंद्र और राज्‍य सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं। साथ ही प्रभावी कदम भी उठाए जा रहे हैं। इस बीच सोमवार को हुई कैबिनेट की बैठक में कोरोना वायरस से निपटने को ले कर कुछ अहम निर्णय भी लिए गए। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने जानकारी दी कि इसमें कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) से जंग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सभी सांसदों का वेतन अगले 1 साल के लिए 30 फीसदी तक घटाने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही अगले 2 साल तक सांसदों को सांसद निधि (MP Fund) की धनराशि नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही प्रकाश जावड़ेकर ने यह भी बताया कि राष्‍ट्रपति, उप राष्‍ट्रपति और सभी राज्‍यपालों ने भी कोरोना से जंग के लिए अपना वेतन कम करने का निर्णय लिया है। अगले 1 साल के लिए वेतन में यह कटौती 1 अप्रैल, 2020 से लागू होगी। यह पूरी धनराशि कोरोना वायरस से लड़ने के लिए देश के संगठित फंड में जाएगी।

एम पी को 2 साल तक नहीं मिलेगा सांसद निधि: 
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने जानकारी दी कि कैबिनेट के फैसले के अनुसार देश में स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं को बेहतर करने और कोरोना वायरस (Corona virus) से हुई क्षति से निपटने के लिए सभी सांसदों की सांसद निधि के जारी होने पर 2020-21 व 2021-22 की अवधि तक अस्‍थाई रोक लगाई जा रही है।

कांग्रेस ने आपत्ति जताते हुए सरकार को घेरा: एक तरफ कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने केंद्र सरकार के एक फैसले का स्वागत किया है तो वहीं दूसरे फैसले पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार चाहे तो सांसदों के वेतन से 50 प्रतिशत कटौती कर सकती है लेकिन एमपी लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड यानी सांसद निधि (MP Fund) सांसदों का निजी कोष नहीं होता बल्कि ये पैसा हर संसदीय क्षेत्र में जनता की भलाई के लिए और विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल होता है।

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