गवर्नर कॉन्फ्रेंस: नई शिक्षा नीति में सरकार का दखल कम होना चाहिए-पीएम मोदी

पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के लक्ष्यों को शिक्षा नीति और व्यवस्था के द्वारा ही पूरा किया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा नीति में सरकार का दखल कम होना चाहिए।

नई दिल्ली: राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई शिक्षा नीति पर आयोजित राज्यपालों की कॉन्फ्रेंस में भाग लिया। केंद्र सरकार ने कुछ वक्त पहले ही नई शिक्षा नीति का ऐलान किया है, जिसपर अभी भी मंथन जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश के लक्ष्यों को शिक्षा नीति और व्यवस्था के जरिए ही पूरा किया जा सकता है। पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा नीति में सरकार का दखल कम होना चाहिए। पीएम मोदी ने यह बातये आज गवर्नर कॉन्फ्रेंस में कही।

नई शिक्षा नीति पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा इस नीति को तैयार करने में लाखों लोगों से बात की गई, जिनमें छात्र-शिक्षक-अभिभावक सभी शामिल थे। प्रधानमंत्री बोले कि आज हर किसी को ये नीति अपनी लग रही है, जो परिवर्तन लोग देखना चाहते थे वो दिख रहे हैं। अब देश में नई शिक्षा नीति को लेकर देश में उसके लागू करने के तरीके पर संवाद हो रहा है, ये इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे 21वें सदी के भारत का निर्माण होना है।

 

PM मोदी के भाषण की बड़ी बातें

  • देश की Aspirations को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था होती है। शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से केंद्र सरकार , राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, सभी जुड़े होते हैं। लेकिन ये भी सही है कि शिक्षा नीति में सरकार, उसका दखल, उसका प्रभाव, कम से कम होना चाहिए।
  • शिक्षा नीति से जितना शिक्षक, अभिभावक जुड़े होंगे, छात्र जुड़े होंगे, उतना ही उसकी प्रासंगिकता और व्यापकता, दोनों ही बढ़ती है। देश के लाखों लोगों ने, शहर में रहने वाले, गांव में रहने वाले, शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने, इसके लिए अपना फीडबैक दिया था, अपने सुझाव दिए थे।
  • गांव में कोई शिक्षक हो या फिर बड़े-बड़े शिक्षाविद, सबको राष्ट्रीय शिक्षा नीति, अपनी शिक्षा नीति लग रही है। सभी के मन में एक भावना है कि पहले की शिक्षा नीति में यही सुधार तो मैं होते हुए देखना चाहता था। ये एक बहुत बड़ी वजह है राष्ट्रीय शिक्षा नीति की स्वीकारता की।
  • आज दुनिया भविष्य में तेजी से बदलते Jobs, Nature of Work को लेकर चर्चा कर रही है। ये पॉलिसी देश के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के मुताबिक knowledge और skills, दोनों मोर्चों पर तैयार करेगी।
  • नई शिक्षा नीति, Studying के बजाय Learning पर फोकस करती है और Curriculum से और आगे बढ़कर Critical Thinking पर ज़ोर देती है। इस पॉलिसी में Process से ज्यादा Passion, Practicality और Performance पर बल दिया गया है।
  • इसमें foundational learning और languages पर भी फोकस है। इसमें learning Outcomes और teacher training पर भी फोकस है। इसमें access और assessment को लेकर भी व्यापक रिफॉर्म्स किए गए हैं। इसमें हर student को empower करने का रास्ता दिखाया गया है।
  • लंबे समय से ये बातें उठती रही हैं कि हमारे बच्चे बैग और बोर्ड एग्ज़ाम के बोझ तले, परिवार और समाज के दबाव तले दबे जा रहे हैं। इस पॉलिसी में इस समस्या को प्रभावी तरीके से address किया गया है।

PM मोदी ने बताया शिक्षा नीति के मायने

PM मोदी ने कहा National Education Policy में हमारे सही मायने में
बिना दबाव के, बिना अभाव और बिना प्रभाव के सीखने के लोकतांत्रिक मूल्यों को हमारी शिक्षा व्वयस्था का हिस्सा बनाया गया है।

  • 21वीं सदी में भी भारत को हम एक Knowledge Economy बनाने के लिए प्रयासरत हैं. नई शिक्षा नीति ने Brain Drain को tackle करने के लिए और सामान्य से सामान्य परिवारों के युवाओं के लिए भी Best International Institutions के Campus भारत में स्थापित करने का रास्ता खोला है।
  • ये शिक्षा नीति, सरकार की शिक्षा नीति नहीं है. ये देश की शिक्षा नीति है. जैसे विदेश नीति देश की नीति होती है, रक्षा नीति देश की नीति होती है, वैसे ही शिक्षा नीति भी देश की ही नीति है।

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