वोडाफोन-आइडिया अब हुआ V!: नए रूप में आया कंपनी का लोगो

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वोडाफोन-आइडिया ने सोमवार को कंपनी की रिब्रांडिंग का ऐलान किया। अब कंपनी का नया ब्रांड नेम ‘V!’ होगा। वोडाफोन-आइडिया के मुताबिक इसे हम ‘We’ के रूप में पढ़ सकते हैं।

नई दिल्ली: टेलीकॉम कंपनी वोडाफोन-आइडिया अब नए नाम से जानी जाएग। कंपनी का लोगो और ब्रांड दोनों ही अब बदले हुए नजर आएंगे। सोमवार को वोडाफोन-आइडिया ने कंपनी की रिब्रांडिंग का ऐलान किया। अब कंपनी का नया ब्रांड नेम ‘V!’ होगा। वोडाफोन-आइडिया के मुताबिक इसे हम ‘We’ के रूप में पढ़ सकते हैं। ‘V!’ के मुताबिक, दोनों ब्रांड के इंटीग्रेशन को टेलीकॉम जगत का सबसे बड़ा एकीकरण करार दिया गया है।

‘V!’ के MD और CEO रविंदर टक्कर ने नए ब्रांड को लांच करते हुए कहा कि वोडाफोन आइडिया का मर्जर दो साल पहले हुआ था। हम तबसे दो बड़े नेटवर्क, हमारी टीम और प्रोसेस के इंटीग्रेट करने का काम कर रहे थे। आज V! ब्रांड को पेश करते हुए मुझे काफी खुशी हो रही है। भारतीय आशावादी होते हैं और जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं।

 

रविंदर टक्कर ने कहा कि कंपनी टैरिफ में बढ़ोतरी के लिए तैयार है। नए टैरिफ से कंपनी को ARPU सुधारने में मदद मिलेगी। यह अभी 114 रुपए है, जबकि एयरटेल और जियो का ARPU क्रमशः 157 रुपए और 140 रुपए है।

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आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा कि वोडाफोन और आइडिया ने नेटवर्क एक्सपीरियंस, रूरल कनेक्टिविटी, कस्टमर सर्विस और एंटरप्राइज मोबिलिटी सॉल्यूशंस में हमने नए बेंचमार्क स्थापित किए हैं। 1990 के दशक के मध्य से अपने कई अवतारों में वोडाफोन और आइडिया ने अलग-अलग रहकर इस सेक्टर की ग्रोथ में अहम भूमिका निभाई है।

कंपनी बोर्ड ने इक्विटी शेयर जारी करके 25,000 करोड़ रुपए जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इससे कंपनी का नकदी संकट दूर होने की संभावना है। कंपनी के सब्सक्राइबर्स की संख्या में लगातार कमी आ रही है। साथ ही इसके एवरेज रेवेन्यू पर यूजर में भी कमी आई है। कंपनी को बकाया AGR के रूप में सरकार को 50,000 करोड़ रुपए का भुगतान करना है।

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