Cyber Frauds: HDFC बैंक देशभर में ग्राहकों से कहेगा ‘मुंह बंद रखो’, जाने क्या है वजह

Cyber Frauds

देहरादून: देश में साइबर धोखाधड़ी (Cyber Frauds) के बढ़ते मामले देख (HDFC) बैंक बार-बार अपने ग्राहकों को याद दिलाते हैं कि वे सतर्क रहें और अपने लेन-देन को सुरक्षित तरीके से करें। बैंक इसके लिए उन्‍हें कई उपाय भी सुझाते हैं।
जैसे-अपने कार्ड की डिटेल्‍स मसलन सीवीवी, एक्सपायरी डेट किसी से साझा न करें। ना ही नेटबैंकिंग/मोबाइल बैंकिंग के लॉग इन आईडी-पासवर्ड, ओटीपी किसी को बताएं. इससे लोगों को अपने पैसे को सुरक्षित रखने में मदद मिलती है।

 

मुंह बंद रखो’
जी हां साइबर धोखाधड़ी (Cyber Frauds) पर जागरुकता बढ़ाने के लिए और ऐसे मामलों को रोकने के लिए एचडीएफसी बैंक लिमिटेड(HDFC ) ने सोमवार को ‘मुंह बंद रखो’ (Mooh Band Rakho) अभियान शुरू करने की घोषणा की है। अपने ग्राहकों को सावधान करने के लिए बैंक अगले 4 महीनों में देश भर में 1 हजार वर्कशॉप करेगा।


साथ ही HDFC Bank ने ग्राहकों को सुरक्षित बैंकिंग के लिए किसी के साथ पिन, पासवर्ड, बैंक विवरण साझा नहीं करने की सलाह भी दी है। यही नहीं इसके अलावा बैंक ने ग्राहकों को सलाह दी है कि जब भी वे अपना पता, संपर्क नंबर या ईमेल आईडी बदलें तो इसकी सूचना बैंक को जरूर दें।

अकाउंट में गड़बड़ी होने पर इस नंबर से आएगा फोन:
बैंक ने अपने ग्राहकों के पैसे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक और कदम उठाया है। बैंक ने कहा कि संदिग्ध लेनदेन होने की सूरत में ग्राहकों को एक विशिष्ट नंबर से कॉल करेगा। यदि आपके खाते/कार्ड से कोई भी संदिग्ध लेन-देन देखा जाता है, तो एचडीएफसी बैंक का प्रतिनिधि आपको 61607475 नंबर से कॉल करेगा। लिहाजा ग्राहकों को यह नंबर अपनी कॉन्‍टेक्‍ट लिस्‍ट में सेव कर लेना चाहिए।

ग्राहकों से यह भी कहा गया है कि वे अपनी कॉन्‍टेक्‍ट लिस्‍ट में रीजनल फोन बैंकिंग को सेव करें, ताकि कार्ड खो जाने या चोरी होने की आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके या आपको संदिग्ध लेनदेन होने की चेतावनी मिल सके। फोन बैंकिंग (Phone Banking) तक पहुंचने के लिए ग्राहक 61606161 या टोल फ्री नंबर – 18002586161 पर कॉल कर सकते हैं।

सार्वजनिक वाई-फाई (Free Wi-Fi) के इस्तेमाल से बचे:

बैंक ने ग्राहकों को सार्वजनिक या मुफ्त वाई-फाई (Free Wi-Fi) का उपयोग करने के दौरान अपने मोबाइल, टैबलेट, लैपटॉप से ​​बैंकिंग लेनदेन न करने की भी सलाह दी है क्‍योंकि ऐसा करना बहुत ही असुरक्षित है।

अब देखना यह होगा की इस तरह के कम्पैन से बैंक अपने ग्राहकों के साथ हो रहे साइबर धोखाधड़ी (Cyber Frauds) को रोकने में कितना सफल हो पाता है।

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