कई साधुओं में कोरोना के लक्षण दिखने के बाद, निरंजनी अखाड़े ने की समय से पहले MahaKumbh समाप्ति की घोषणा

mahakumbh

देहरादून: कोरोना के बढ़ते संक्रमण और हरिद्वार कुंभ (mahakumbh) में हर दिन मिल रहे संक्रमित संतों व श्रद्धालुओं को देखते हुए अब आयोजन के जल्दी खत्‍म होने की चर्चा ने जोर पकड़ लिया है । कोरोना के तेज फैलाव के बीच सरकार जहां कुंभ को तय अवधि (30 अप्रैल) तक कराने पर अडिग है, वहीं अखाड़ों ने कुंभ को समेटने की शुरुआत कर दी है। निरंजनी अखाड़े ने 17 अप्रैल को कुंभ मेला खत्म करने का निर्णय लिया है।  पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के सचिव श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने मीडिया को बताया कि, हरिद्वार में कोरोना की स्थिति अच्छी नहीं है। संत कोरोना की चपेट में आ रहे हैं।

27 अप्रैल के शाही स्नान mahakumbh पर चंद संत पैदल जाकर गंगा स्नान करेंगे। उन्होंने कहा कि, 17 अप्रैल को छावनी उठ जाएगी और संत अपने-अपने अखाड़ों में चले जाएंगे।  उधर, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी ने गुरुवार को हरियाणा की साध्वी अन्नपूर्णा भारती और बेंगलुरु के स्वामी राघवेंद्र भारती को अखाड़े का नया महामंडलेश्वर बनाया है। अखाड़ा पंचों की उपस्थिति में दोनों संतों का पट्टाभिषेक संपन्न हुआ। रविंद्र पुरी ने कहा कि गुरुवार को भी पट्टाभिषेक पहले से तय था अन्यथा इसका आयोजन भी नहीं करना था।

 

यह भी पढ़े: http://सरकार की बेरुखी से नाराज़ 8000 से अधिक UPNLकर्मी, शनिवार को करेंगे मुख्यमंत्री आवास कूच