विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर यूजेवीएन लिमिटेड के मुख्यालय में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया

 

देहरादून: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 5 जून 2021 को यूजेवीएन लिमिटेड के मुख्यालय उज्ज्वल सहित विभिन्न विद्युत गृहों, निर्माणाधीन परियोजनाओं तथा अन्य कार्यालयों में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल, निदेशक परिचालन पुरुषोत्तम सिंह, निदेशक वित्त सुधाकर बडोनी, महाप्रबंधक श्री हर प्रसाद गुप्ता एवं अन्य अधिकारियों द्वारा उज्ज्वल परिसर में वृक्षारोपण किया गया। साथ ही यूजेवीएन लिमिटेड द्वारा वेबीनार के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण विषयक ऑनलाइन संगोष्ठी भी आयोजित की गई जिसमें बड़ी संख्या में निगम के अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। गोष्ठी में निगम के पूर्व वरिष्ठ पर्यावरण सलाहकार एस.एस. बिष्ट द्वारा जल विद्युत परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण तथा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के वानिकी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एन.पी. टोडरिया द्वारा परियोजना हेतु पर्यावरण संबंधी जागरूकता पर विचार रखे गए।

वेबीनार में अपने संबोधन में यूजेवीएन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक संदीप सिंघल ने सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि तेज गति से हो रहे विकास के इस दौर में आज पर्यावरण का ध्यान रखने की विशेष आवश्यकता है। यदि हम सचेत रहेंगे और पर्यावरण का संरक्षण करते रहेंगे तो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक बेहतरीन विरासत छोड़ जाएंगे। वृक्षारोपण का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि वृक्ष जल, जमीन और वायु का संरक्षण करते हैं जिस कारण वे हमारे पर्यावरण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि आज की जीवन शैली एवं विकास गतिविधियों के कारण जो अपशिष्ट छोड़ा जा रहा है पर्यावरण संरक्षण हेतु उसे यथासंभव सीमित किया जाना आवश्यक है। संदीप सिंघल ने आगे कहा कि हम जल विद्युत परियोजनाओं हेतु संचयित पर्यावरण प्रभाव का अध्ययन कर रहे हैं और उसी के अनुसार परियोजनाओं के निर्माण की योजना बनाई जा रही है। निगम की परिचालन के अंतर्गत आने वाली समस्त परियोजनाओं द्वारा न्यूनतम पारिस्थितिकीय प्रवाह (minimum ecological flow) छोड़ा जा रहा है।
वेबीनार में अपने संबोधन में निगम के पूर्व वरिष्ठ पर्यावरण सलाहकार एस.एस. बिष्ट ने पर्यावरण दिवस मनाए जाने के उद्देश्य के बारे में बताते हुए कहा कि विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों का समन्वय बनाए रखना अति आवश्यक है। बिष्ट ने जल विद्युत परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण हेतु स्थापित विभिन्न नियामक संस्थाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए पर्यावरण संरक्षण से संबंधित विभिन्न नियमों एवं कानूनों पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होंने जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण में पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया की भी विस्तार से जानकारी दी। अपने संबोधन में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर के वानिकी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रोफेसर एन.पी. टोडरिया ने पर्यावरण को चुनौती देने वाले विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डाला।

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