Uttarakhand: संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने लोक कलाकारों से की वर्चुवल बैठक

देहरादून। उत्तराखण्ड (Uttarakhand) के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज ने वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (Covid–19) से उत्पन्न स्थित से निपटने एवं इस समस्या से लोक कलाकारों के सामने उत्पन्न समस्याओं के लिए आज राज्य के सुप्रसिद्ध लोक कलाकारों से स्काईप वीडियो के माध्यम से वर्चुवल बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आपदा के इस दौर में जब कार्यक्रम आयोजित नहीं हो पा रहे हैं ऐसी स्थिति में लोक कला को संरक्षित करने एवं इस लोक कला से जुड़े लोक कलाकारों के हितों को देखते हुए उनसे सुझाव मांगे गये।

संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज (Shri Satpal Maharaj) ने का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल कलाकारों के प्रति माननीय मंत्री जी की संवेदनशीलता को व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि इस निराशजनक माहौल में केवल कलाकार ही उत्साह का माहौल पैदा कर सकने में सक्षम है। उन्होने कहा कि विभाग लोक कला के संरक्षण में डिजिटल मीडिया एवं यू टयूब तथा पेज के माध्यम से लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रसारित करा सकता है। वीडिया कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से सर्वप्रथम लोक कलाकार श्री नन्दलाल भारती ने सुझाव दिया कि आपदा के इस दौर में लोक कलाकारों के लिए वेश-भूषा एवं वाद्ययन्त्र पर कार्य किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त लेखन कार्य को भी प्रोत्साहित किया जा सकता है।

पद्मश्री श्रीमती बसन्ती बिष्ट ने कहा कि लोक कला के संरक्षण हेतु फेलोशिप योजना संचालित की जाये, जिससे पारम्परिक एवं पौराणिक लोक सांस्कृतिक विरासत पर शोध कार्य किया जा सके। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा वहाँ की लोक कला का वीडियों तैयार किया जाये एवं उससे उन लोक विधा के बारे में भी बताया जाये, तथा तीन महीनों में इसका सर्वे कराते हुए उसका पूरा ब्यौरा भी तैयार किया जाये। पद्मश्री श्री प्रीतम भरतवाण ने कहा कि आज पूरा विश्व इस भयावह संक्रमण के दौर से गुजर रहा है। आज चाहे वह साहित्यकार हो, मजदूर हो या कलाकार सभी पीड़ित हैं। सर्वप्रथम हमें अपना जीवन सुरक्षित रखते हुए उन कलाकारों के हितों का ध्यान रखने की जरूरत है जो लॉकडाउन के कारण रोजी-रोटी के लिए तरस रहे हैं। जो कलाकार सरकारी कार्यक्रमों पर आश्रित हैं उनकी सहायता के लिए योजना तैयार की जाये।

सुप्रसिद्ध लोक गायिका श्रीमती कल्पना चौहान ने संस्कृति मंत्री से बातचीत के दौरान सुझाव दिया कि आज मानव जीवन अवसाद के दौर से गुजर रहा है जिसमें लोगों में नई जागृति एवं उम्मीद पैदा करने में लोक कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। उन्होंने संस्कृति विभाग से अपना चैनल बनाये जाने तथा छोटे-छोटे वीडियो क्लिप तैयार करने का सुझाव दिया, इसी क्रम में लोक गायिका माया उपाध्याय ने कहा कि डिजिटल मीडिया प्रचार-प्रसार का अच्छा माध्यम है। विभाग चैनल बनाकर लोक कलाकारों की कला को प्रदर्शित कर सकता है जिससे लोक कलाकारों के सामने रोजी रोटी का संकट भी पैदा नहीं होगा।

श्री रितेश जोशी ने भी विभागीय चैनल खोले जाने एवं यू-टयूब के माध्यम से बच्चों को लोक गीत आदि की शिक्षा दिये जाने पर जोर दिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने सरकार की नीतियों का लोक कलाकारों के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराये जाने का भी सुझाव दिया। श्री पदम सिंह गुसाई ने आपदा के दौरान कठिनाईयों में जीवन यापन कर रहे लोक कलाकारों की सूची तैयार कर उनकी सहायता करने की बात कही। इसके अतिरिक्त गांवों में जीवन यापन कर रहे लोक गायकों को उनकी लोक कला के संरक्षण हेतु कार्यशालाओं के आयोजन का भी सुझाव दिया गया। इसके अतिरिक्त अन्य कलाकारों ने भी में संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज (Shri Satpal Maharaj) को अपने-अपने सुझावों से अवगत कराया।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री सतपाल महाराज (Shri Satpal Maharaj) ने सर्व प्रथम सोशल मीडिया के माध्यम से संवाद के लिए से उनसे जुड़े सभी लोक कलाकारों का अभिवादन करते हुए कहा कि इस कोरोना संक्रमण जैसी विपदा के कारण हम सोशल मिडिया से जुड़े हैं और यह जरूरी भी है कि हम लगातार जुड़े रहें और भविष्य में क्या करना है इस पर जरूर विचार करें। उन्होने कहा कि आज सभी कलाकारों द्वारा बहुत अच्छे सुझाव दिये गये। इस सभी सुझावों पर अमल करने का प्रयास किया जायेगा। श्री सतपाल महाराज (Shri Satpal Maharaj) ने कहा कि इस महामारी से बचने के लिए हम सभी को सामाजिक दूरी बनाये रखने के साथ-साथ मास्क एवं सेनीटाइजर आदि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अपनी लोक संस्कृति को जीवित रखने के लिए इन्टरनेट एवं सोशल मीडिया के माध्यम से जन-जन तक पहुंचना है।

उन्होने कहा कि कलाकारों की वेशभूषा आदि पर भी विचार किया जायेगा। कलाकारों के कार्यक्रम की स्टूडियों में रिकॉर्डिंग हो और इसका प्रसारण टेलीविजन पर हो जिससे यह कार्यक्रम जन-जन तक पहुँच पाये। संस्कृति मंत्री ने कहा कि प्रदेश की पारम्परिक एवं लोक सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुँचाने के लिए हम प्लेटफार्म तैयार कर रहे हैं तथा आपके सुझावों एवं कलाकारों के हित को देखते हुए योजना तैयार की जायेगी।

श्री सतपाल महाराज (Shri Satpal Maharaj) ने कहा कि लोक कलाकारों को बडे मंच के माध्यम से चैनलों का सहयोग प्राप्त कर वृहद स्तर पर प्रसारित कराया जायेगा जिसमें दूरदर्शन द्वारा भी समुचित सहयोग देने पर सहमति प्रदान कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वाइरस संक्रमण के इस आपदा के दौरान जरूरतमंद लोक कलाकारों की सहायता के लिए जो राशि निर्धारित की गयी है वह बहुत कम है, जिसे बढाये जाने पर विचार किया जायेगा।

स्काईप वीडियो के माध्यम से वर्चुवल बैठक के दौरान प्रदेश के राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय मंचों पर ख्याति प्राप्त करने वाले ख्यातिलब्ध कलाकारों में सुप्रसिद्ध लोक गायिका श्रीमती संगीता ढौड़ियाल, श्री नन्दलाल भारती, पदमश्री बसन्ती बिष्ट, पद्मश्री प्रीतम भरतवाण, श्रीमती कल्पना चौहान, सुश्री माया उपाध्याय, श्री पदम सिंह गुसांई, श्री प्रकाश बिष्ट, श्री हेमराज बिष्ट, श्री रितेश जोशी, श्री विनोद खण्डूडी आदि ने प्रतिभाग किया। इस मौके पर निदेशक, संस्कृति सुश्री बीना भट्ट, श्री अजय जोशी एवं श्री बलराज नेगी भी उपस्थित थे।

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