DGP Ashok Kumar की नशे के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति, दो सिपाही हिरासत में

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देहरादून:  नशे के खिलाफ डीजीपी अशोक कुमार DGP Ashok Kumar की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कारवाई को अंजाम देते हुए दो सिपाहियों को भी हिरासत में लिया गया है। स्पेश्ल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड  एस0टी0एफ को विगत कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि, जनपद हरिद्वार में नशा तस्करों द्वारा संगठित रूप से मादक पदार्थो की बिक्री की जा रही है। इस सूचना पर एसटीएफ एवं एडीटीएफ की संयुक्त टीम का गठन कर गोपनीय एवं तकनीकी सर्विलांश के माध्यम से सूचना संकलन का कार्य किया जा रहा था ।

ज्वालापुर स्थित राहिल के घर पर एक टीम द्वारा दबिश दी गई, जिसमें अभियुक्त राहिल को उसके घर में उसे मादक पदार्थ की बिक्री करते हुए उसके पास से 189 ग्राम स्मैक (कीमत लगभग 8 लाख) बरामद की गई,  साथ ही उसके द्वारा आज बेची गई स्मैक के एवज में प्राप्त की गई धनराषि रू0 9,700/- भी मौके से बरामद किये गये।  गिरफ्तार अभियुक्त राहिल ने पूछ-ताछ के दौरान बताया कि, वह विगत कुछ सालों से सत्तार पुत्र असगर जो कि, उसका रिस्तेदार भी है, के कहने पर उसके साथ मिलकर पिछले कुछ  वर्षों से अवैध रूप से मादक पदार्थो खरीदने एवं बेचने का कार्य करता है। वर्ष  2017 में उपरोक्त अभियुक्तगण एन0डी0पी0एस0 एक्ट के मुकदमें में गिरफ्तार हुए थे तथा उसके उपरान्त नशे के इस अवैध व्यापार को अन्य लागों के माध्यम से संचालित किया जा रहा था।  अभियुक्त राहिल से की गई पूछ-ताछ से यह भी ज्ञात हुआ कि, सत्तार को इस धन्धें में मदद करने के लिए कुछ पुलिस कर्मी फोन अथवा व्यक्तिगत रूप से पुलिस की गोपनीय जानकारी और रेड के सम्बन्ध में बता देते थे जिससे गैंग के लोग माल छुपा देते थे।
संगठित रूप से गैग का संचालन कर रहा था, एसटीएफ द्वारा कार्यवाही करते हुए आज दिनांक 16-04-2021 को उक्त सत्तार को रोहल्की थाना बहादराबाद से गिरफ्तार किया गया, जिससे विस्तृत पूछ-ताछ थाना ज्वालापुर में की गई, पूछताछ के दौरान अभियुक्त सत्तार ने उपरोक्त सभी बातों को स्वीकार किया गया ।

जनपद पुलिस की किसी भी कार्यवाही के लिए हरिद्वार के थाना ज्वालापुर पर नियुक्त कान्सटेबिल अमजद के द्वारा  सम्बन्ध में समय-समय पर सूचना दी जाती थी, जिसमें माल व इस कार्य में लगे लोगो को बचने के लिए बता दिया जाता था। इसके अतिरिक्त हरिद्वार एडीटीएफ में नियुक्त कान्सटेबिल रईसराजा  एडीटीएफ टास्क फोर्स की किसी भी जानकारी की सूचना समय-समय पर देता रहता था, तथा विगत माह से अवैध मादक पदार्थो की तस्करों के विरूद्व की जा रही कार्यवाही के सम्बन्ध में सूचना व टीम मेम्बरों के नाम पूर्व से ही बता देता था जिससे इस अवैध धन्धे में संलिप्त लोग पकड़े न जा सके ।
सत्तार ज्वालापुर थाने का हिस्ट्रीशीटर है जिसके विरूद्व 38 मुकदमें दर्ज है, जिनमें दो बार इसके विरूद्व गैगेस्टर एक्ट भी लगाया गया है। इस धन्धे में उसका बेटा शाहरूख भी सामिल था, जिसे वर् 2019 में थाना रूड़की  के मु0अ0सं0 787/19 धारा 8/22 एन0डी0पी0एस0 एक्ट में गिरफ्तार किया गया था, जिसमें उसके पास से व्यवसायिक मात्रा में हजारों नशीले इन्जेक्शन बरामद हुए थे जिसके कारण विगत एक वर्ष  से वह जेल में है।  डीजीपी अशोक कुमार DGP Ashok Kumar की ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत बड़ी कारवाई करते हुए इस गैंग को संरक्षण देने वाले थाना ज्वालापुर में नियुक्त कान्सटेबिल 523 ना0पु0 अमजद एवं हरिद्वार एडीटीएफ में नियुक्त कान्सटेबिल 278 ए0पी0 रईस राजा पर कार्यवाही करते हुए जेल भेज दिया गया।

 

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